बोहरा समुदाय द्वारा बच्चों के मोबाइल फोन उपयोग पर प्रतिबंध: एक स्वागत योग्य पहल

नई राह दिखाता सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन का फरमान
बोहरा समुदाय के सर्वोच्च नेता सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन द्वारा 19 दिसंबर को जारी एक ऐतिहासिक फरमान ने बच्चों के समग्र विकास और समाज में बढ़ते डिजिटल प्रभाव को नियंत्रित करने की दिशा में नई राह दिखाई है। इस फरमान के तहत 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है। यह निर्णय बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को संरक्षित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


फरमान का उद्देश्य और सकारात्मक प्रभाव
बोहरा समुदाय का यह निर्णय बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग बच्चों की शिक्षा, मानसिक विकास और सामाजिक संबंधों पर गंभीर प्रभाव डालता है। इस कदम का उद्देश्य बच्चों को मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों से बचाना और उन्हें अधिक स्वस्थ, रचनात्मक और सामाजिक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।


अन्य देशों की मिसाल
फ्रांस, इटली, पुर्तगाल और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त कानून लागू किया है। बोहरा समुदाय का यह कदम इन वैश्विक प्रयासों के साथ सामंजस्य स्थापित करता है और इसे अन्य समुदायों द्वारा भी अपनाया जाना चाहिए।


मोबाइल फोन के नकारात्मक प्रभाव
बच्चों में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग से कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं:

  • शारीरिक स्वास्थ्य पर असर: लंबे समय तक स्क्रीन के संपर्क में रहने से आँखों पर दबाव बढ़ता है और नींद की गुणवत्ता खराब होती है।
  • मानसिक स्वास्थ्य: सोशल मीडिया और गेम्स की लत बच्चों में तनाव, चिंता और असुरक्षा की भावना को बढ़ाती है।
  • शिक्षा पर प्रभाव: पढ़ाई के समय मोबाइल का उपयोग ध्यान भंग करता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में गिरावट होती है।
  • पारिवारिक और सामाजिक अलगाव: मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चे अपने परिवार और दोस्तों से दूरी बना लेते हैं।

विवो स्विच ऑफ 2024 सर्वेक्षण से तथ्य

  • बच्चों की जागरूकता: 94% बच्चों ने अपने माता-पिता के फोन के लिए कैमरा, कॉलिंग और मैसेजिंग को मुख्य फीचर्स के रूप में चुना।
  • संघर्ष के स्रोत: 69% बच्चों ने माना कि स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग उनके और उनके माता-पिता के बीच संघर्ष का कारण बनता है।
  • संबंधों पर प्रभाव: 75% माता-पिता चिंतित हैं कि उनके बच्चे सार्थक संबंध बनाने में संघर्ष कर सकते हैं।
  • गहरे संबंधों की चाह: 76% बच्चे और 84% माता-पिता चाहते हैं कि वे एक-दूसरे के साथ अधिक सार्थक समय बिताएं।

अन्य समुदायों के लिए प्रेरणा
बोहरा समुदाय द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य धर्मों और समाजों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। विवो द्वारा किए गए अध्ययन से स्पष्ट है कि बच्चे स्मार्टफोन के नकारात्मक प्रभावों के प्रति अधिक जागरूक हैं। अन्य समुदायों को भी बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए इस प्रकार के निर्णय लेने चाहिए।


अभिभावकों की भूमिका
अभिभावकों को बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्हें बच्चों को खेल, पढ़ाई और सामाजिक गतिविधियों में व्यस्त रखने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही, परिवार के साथ समय बिताने और बच्चों के डिजिटल उपयोग की निगरानी करने पर जोर देना चाहिए।


निष्कर्ष
बोहरा समुदाय द्वारा लिया गया यह निर्णय भविष्य की पीढ़ी को एक स्वस्थ, जागरूक और डिजिटल प्रभाव से मुक्त समाज देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विवो स्विच ऑफ 2024 अध्ययन ने दिखाया है कि स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग माता-पिता और बच्चों के बीच संबंधों को प्रभावित कर रहा है। इस पहल को अपनाकर अन्य समुदायों और संगठनों को भी कदम उठाने चाहिए।

 

 

Kids Gazette
Author: Kids Gazette

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